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नईदुनिया न्यूज, भगवां। अक्टूबर के अंतिम दिनों से ही छतरपुर जिले में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। चक्रवाती तूफान अर्णब से जुड़ी मौसमी गतिविधियों के बीच पिछले दो-तीन दिनों से आसमान में बादल, हल्की बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
इसी बदलाव के बीच रविवार सुबह भगवां और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में घने कोहरे ने दस्तक देकर सर्दी का एहसास करा दिया। सुबह करीब 9 बजे तक कोहरा नहीं छटा और सूर्यदेव के दर्शन भी नहीं हुए। भगवां-घुवारा मुख्य मार्ग सहित ग्रामीण रास्तों पर दृश्यता काफी कम रही।
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खेत-खलिहान और पेड़-पौधे धुंध में छिपे नजर आए। वाहन चालक दिन के उजाले में भी हेडलाइट जलाकर धीमी गति से चलते दिखाई दिए।
रबी फसलों के लिए जगी उम्मीद
मौसम में ठंडक और वातावरण में नमी से रबी फसलों की बोवनी की तैयारी कर रहे किसानों को उम्मीद जगी है। खेतों में ओस की बूंदें दिखाई देने लगी हैं। किसानों का मानना है कि तापमान में गिरावट गेहूं और चना की फसलों के लिए अनुकूल हो सकती है। नवंबर की शुरुआत में ही कोहरे की दस्तक ने जिले में सर्दी के आगमन का संकेत दे दिया है।
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कुंडेश्वर में छाया कोहरा
दूसरी ओर, टीकमगढ़ में सुबह कुंडेश्वर और आसपास के इलाकों में अचानक घना कोहरा छा गया, जिससे जनजीवन और आवागमन दोनों प्रभावित नजर आए। सुबह होते ही कोहरे की घनी चादर ने पूरे क्षेत्र को अपने आगोश में ले लिया।
दृश्यता इतनी कम थी कि सड़कों पर कुछ ही दूरी की चीजें देख पाना भी मुश्किल हो रहा था। इस कारण सुबह के वक्त कामकाज और जरूरी कार्यों के सिलसिले में घरों से बाहर निकलने वाले लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
कोहरे और धुंध के कारण वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ी। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को अपनी गाड़ियां धीमी गति से चलानी पड़ीं।
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