
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार: जिला मुख्यालय स्थित प्रधान डाकघर में हुए लाखों रुपये के वित्तीय घोटाले के मामले में नौगांव थाना पुलिस ने पोस्ट मास्टर सहित तीन कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है। आरोप है कि डाकघर में पदस्थ कर्मचारियों ने मिलीभगत कर शासकीय योजनाओं की राशि में करीब 35 लाख 68 हजार 904 रुपये का गबन किया है।
यह कार्रवाई डाक विभाग के इंदौर नगरेतर संभाग के अधीक्षक द्वारा प्रस्तुत आवेदन और जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। आरोपियों द्वारा एक मार्च से लेकर दिसंबर 2025 तक यह अनियमितताएं की गईं। फिलहाल ये तीनों फरार हैं।
पुलिस के अनुसार इंदौर संभाग के डाक अधीक्षक ने नौगांव थाना प्रभारी को आवेदन देकर बताया कि वर्ष 2025 में 20 अप्रैल, 30 अगस्त, 9 अक्टूबर, 11 अक्टूबर और 16 अक्टूबर को एनएससी (नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट) के मूल प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया गया।
जांच में पाया गया कि ये सभी प्रमाण पत्र लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत जारी किए गए थे और इनका भुगतान महिला एवं बाल विकास विभाग की एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना के माध्यम से वर्ष 2019 में ही हो चुका था। इसके बावजूद फिनेकल साफ्टवेयर में प्रमाण पत्रों को लाइव दर्शाकर धार प्रधान डाकघर में दोबारा नकद भुगतान कर लिया गया।
आरोप है कि इस कार्य में निलंबित डिप्टी पोस्ट मास्टर निर्मल सिंह पंवार, निलंबित पोस्ट मास्टर कुणाल मकवाना और निलंबित डाक सहायक मेपाल सिंह गुंडिया ने अपनी-अपनी फिनेकल आइडी का दुरुपयोग कर प्रमाण पत्रों को अनफ्रिज किया और नकद भुगतान प्राप्त किया। जांच में यह भी सामने आया कि निसरपुर उपडाकघर से वर्ष 2013 में जारी किए गए कुछ प्रमाण पत्र, जो डिस्चार्ज के बाद प्रधान डाकघर धार में सुरक्षित रखे गए थे, उन्हें अनाधिकृत रूप से ट्रांसफर कर पुनः नकद भुगतान कराया गया। इस प्रक्रिया में करीब 3 लाख 57 हजार 21 रुपये की शासकीय राशि का दुर्विनियोजन किया गया।
इसी प्रकार वर्ष 2025 की विभिन्न तिथियों के कुछ डिस्चार्ज जर्नल में नकद भुगतान दर्शाया गया, लेकिन न तो मूल प्रमाण पत्र उपलब्ध पाए गए और न ही डिस्चार्ज जर्नल। इस तरह करीब 2 लाख 51 हजार 883 रुपये की राशि का भी गबन किया गया। एक अन्य मामले में खाताधारक गोकुलसिंह नरगेश द्वारा एक वर्ष की सावधि जमा के लिए पोस्ट मास्टर के नाम दिया गया 6 लाख 60 हजार रुपये का चेक की राशि अनाधिकृत रूप से नकद निकाल ली गई, जबकि खाताधारक का खाता आज तक नहीं खोला गया। खाताधारक के बयान से इस अनियमितता की पुष्टि हुई है।
निर्मल सिंह पंवार एवं कुणाल मकवाना द्वारा अपनी स्वयं की आईडी और डाक सहायक विभांशु पांडे की आइडी का दुरुपयोग करते हुए खाताधारक का खाता खोलने के बजाय नकद राशि अपने पास रखी गई और शासकीय राशि 6 लाख 60 हजार रुपये का दुरुपयोग किया गया।
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नवंबर से दिसंबर तक में 23 लाख की अनियमितता जांच में यह भी उजागर हुआ कि नान-पीओएसबी चेक के माध्यम से जमा की गई राशि का नियमानुसार समायोजन न कर फिनेकल साफ्टवेयर के कार्यालय खाते 0382 से अन्य खातों में अनधिकृत रूप से समायोजन किया गया। इस प्रक्रिया में अजीत सिंह कुशवाह के 8 लाख, संजय निगम के 5 लाख और सुरेंद्र सोनी के 10 लाख रुपये के खातों से जुड़ी कुल 23 लाख की राशि का गबन किया गया।
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प्रारंभिक जांच के आधार पर तीनों कर्मचारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। डाक विभाग के अधीक्षक द्वारा दिए गए आवेदन पर कार्रवाई करते हुए नौगांव पुलिस ने निलंबित डिप्टी पोस्ट मास्टर निर्मल सिंह पंवार, निलंबित पोस्ट मास्टर कुणाल मकवाना और निलंबित डाक सहायक मेपाल सिंह गुंडिया के खिलाफ शासकीय राशि के धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।