
नईदुनिया प्रतिनिधि,ग्वालियर। हाईवे पर गोवंश के कारण लगातार हादसे सामने आते हैं, इसी कारण अब जीरो कैटल कॉरिडोर के तहत स्टेट हाईवे पर गोवंश विचरण के ब्लैक स्पॉट ढूंढे जा रहे हैं। इसके अलावा हादसों के ब्लैक स्पॉटों को चिह्नित करने के साथ पूरी कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
जिला प्रशासन के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग को इसका जिम्मा दिया गया है। शासन की परिकल्पना के अनुरूप प्रदेश में स्टेट हाईवे पर आवारा-निराश्रित गोवंश के विचरण के कारण सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति निर्मित होने के साथ-साथ जनहानि और पशुहानि की संभावना बनी रहती है।
इसके तहत स्टेट हाइवे के ऐसे चिन्हित मार्ग खंड जहां गोवंश के विचरण की अधिकता है, उनकी पहचान की जा रही है। चिह्नित मार्गों पर आवश्यकतानुसार कैटल प्रूफ फेंसिंग-बेरीकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर आवश्यकतानुसार गोवंश पकड़ने एवं सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
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सीएम ने दिए थे एसओपी बनाने के निर्देश
नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी एसओपी अनुसार समस्त संबंधित विभाग आपसी समन्वय से गोवंश के पुनः हाईवे पर आने की रोकथाम के लिए संयुक्त कार्य कर रहे हैं।
बता दें कि, हाईवे पर गोवंश के कारण हो रहे सड़क हादसों को रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने एसओपी बनाने के निर्देश दिए थे जिसके क्रम में स्टेट हाईवे पर इसको लेकर तैयारियां की जा रही हैं। इसमें पीडब्ल्यूडी, एमपीआरडीसी, ग्रामीण सड़क विकास से जुड़ी एजेंसियों सहित प्रशासन समन्वय करेगा।
सभी विभाग अपना-अपना जिम्मा संभालेंगे और काम करेंगे। ग्वालियर जिला प्रशासन ने इसको लेकर संयुक्त विभागों की एक बैठक ली थी जिसमें सभी विभागों को दायित्व सौंपे गए थे।
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ब्लैक स्पॉट पहले होंगे सुरक्षित
जीरो कैटल कॉरिडोर में सबसे पहले ऐसे स्पॉट हाइवे के प्राथमिकता पर रखे गए हैं जहां ज्यादा हादसे होते हैं। ऐसे स्पॉटों को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित कर सुरक्षित किया जाएगा। इसके बाद पूरी तरह गांव के बीच से निकलने वाले स्पॉटों को देखा जाएगा कि यहां गोवंश का कितना मूवमेंट है।
वर्षा के सीजन में सबसे ज्यादा हादसे
वर्षा के दौरान सड़कें आसपास के क्षेत्रों की तुलना में जल्दी सूख जाती हैं। इसी कारण गोवंश बड़ी संख्या में सड़कों पर बैठ जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। नई एसओपी का उद्देश्य इसी समस्या का स्थायी समाधान करना है। वहीं सड़कों पर गोवंश की मौजूदगी और उससे होने वाली दुर्घटनाओं का मुद्दा विधानसभा में भी कई बार उठ चुका है।