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ग्वालियर की बीएसएफ अकादमी में ट्रेंड हो रहे भूटानी कुत्ते, नारकोटिक्स से लेकर बम डिटेक्शन तक दिया जा रहा प्रशिक्षण

बीएसएफ अकादमी टेकनपुर का राष्ट्रीय श्वान प्रशिक्षण केंद्र अब देश ही नहीं, विदेश के सुरक्षा बलों के श्वानों को भी प्रशिक्षित कर रहा है।

By Digital DeskEdited By: Nitin Kumar
Publish Date: Wed, 30 Sep 2026 11:20:23 AM (IST)Updated Date: Wed, 30 Sep 2026 11:36:19 AM (IST)
ग्वालियर की बीएसएफ अकादमी में ट्रेंड हो रहे भूटानी कुत्ते, नारकोटिक्स से लेकर बम डिटेक्शन तक दिया जा रहा प्रशिक्षण
फोटो- एआई जनरेटेड

HighLights

  1. बीएसएफ अकादमी में ट्रेंड हो रहे भूटानी कुत्ते
  2. पंजाब-यूपी पुलिस भी हुई प्रशिक्षण की मुरीद
  3. विदेशी और देसी नस्लों को अलग-अलग प्रशिक्षण

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। बीएसएफ अकादमी टेकनपुर का राष्ट्रीय श्वान प्रशिक्षण केंद्र अब देश ही नहीं, विदेश के सुरक्षा बलों के कुत्तों को भी प्रशिक्षित कर रहा है।

यहां भूटान के सुरक्षा बलों के बेल्जियन मेलिनोइस कुत्ते प्रशिक्षण ले रहे हैं। उनके साथ आए हैंडलर भी बीएसएफ के विशेषज्ञों से प्रशिक्षण ले रहे हैं।

पंजाब और उत्तर प्रदेश पुलिस के कुत्ते भी यहां प्रशिक्षणरत हैं। देश में बीएसएफ अकादमी ही ऐसी है, जहां राष्ट्रीय स्तर का श्वान प्रशिक्षण केंद्र संचालित हो रहा है। नारकोटिक्स से बम डिटेक्शन तक प्रशिक्षण केंद्र में कुत्तों को नारकोटिक्स, बम डिटेक्शन सहित अलग-अलग विधाओं में प्रशिक्षित किया जाता है।

कई राज्यों के कुत्ते ले चुके हैं प्रशिक्षण

भूटान के कुत्ते पहले भी बीएसएफ अकादमी के प्रशिक्षित हैंडलरों से ट्रेनिंग ले चुके हैं। पंजाब और उत्तर प्रदेश पुलिस के कुत्ते भी यहां पहले प्रशिक्षण ले चुके हैं। सुरक्षा बलों की मांग के आधार पर विभिन्न नस्लों के कुत्तों को संबंधित जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित किया जाता है।


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प्रशिक्षण केन्द्र में प्रजनन केन्द्र संचालित

प्रजनन केंद्र में देसी-विदेशी नस्लों पर काम राष्ट्रीय श्वान प्रशिक्षण केंद्र में प्रजनन केंद्र भी संचालित है। यहां देसी और विदेशी दोनों नस्लों के कुत्तों का प्रजनन कराया जाता है। जन्म के बाद से ही कुत्तों को इस तरह तैयार किया जाता है कि वे आगे चलकर विभिन्न प्रशिक्षण विधाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

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देसी नस्ल के कुत्तों की संख्या बढ़ाने पर भी केंद्र में काम किया जा रहा है। मादक पदार्थों की पहचान के प्रशिक्षण की ज्यादा मांग केंद्र में मादक पदार्थों का डिटेक्शन करने वाले कुत्तों के प्रशिक्षण की मांग अधिक है।

पंजाब और उत्तर प्रदेश पुलिस के कुत्तों में भी इस विधा का प्रशिक्षण लेने वालों की संख्या ज्यादा है। विदेशी और देसी दोनों नस्लों के कुत्तों को नारकोटिक्स डिटेक्शन के लिए तैयार किया जा रहा है।

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