
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मोतीमहल स्थित नगर निगम संग्रहालय को संवारने के लिए इंजीनियरों व इंटेक से अधूरा एस्टीमेट तैयार हो गया। एस्टीमेट में अधिकतर काम पुरानी बिल्डिंग के जीर्णोद्धार और आर्टिफेक्ट के डाक्यूमेंटेशन पर केंद्रित हो गया।
ये काम पूरा होने के बाद जब आर्टिफेक्ट को प्रदर्शित करने की बारी आई, तो पता चला कि एस्टीमेट में गैलरियों को तैयार करने की राशि ही शामिल नहीं थी। बिना गैलरियां तैयार किए म्यूजियम में रखी कलाकृतियों को प्रदर्शित करना संभव ही नहीं है।
सात गैलरियां होंगी विकसित
मूल रूप से गैलरियों में शोकेस तैयार के साथ ही फर्नीचर आदि भी बनाना है। ऐसे में अब मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) से स्वीकृति लेकर डेढ़ करोड़ रुपये की राशि का नया एस्टीमेट तैयार किया गया है। इस राशि से म्यूजियम में सात गैलरियां विकसित की जाएंगी।
प्रस्तावित परियोजना के तहत संग्रहालय को अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय मानकों के अनुरूप आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। संग्रहालय की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए उसकी सभी सात गैलरियों को आकर्षक, वैज्ञानिक और इंटरएक्टिव स्वरूप दिया जाएगा।
परियोजना में 36 विभिन्न श्रेणियों के दुर्लभ संग्रहों को आगंतुकों के लिए अधिक व्यवस्थित और रोचक बनाया जाएगा। संग्रहालय में संरक्षित प्रागैतिहासिक अवशेष, प्राकृतिक इतिहास, ललित कला, शस्त्र, सिक्के, परिवहन, वन्यजीव, पक्षी, तितलियां और अन्य ऐतिहासिक संग्रहों को अलग-अलग थीम आधारित गैलरियों में विकसित किया जाएगा।
आवाजाही के लिए सर्कुलेशन प्लान तैयार
संग्रहालय के भीतर आवाजाही को सरल और व्यवस्थित बनाने के लिए नए सर्कुलेशन प्लान तैयार किए गए हैं। गैलरियों का ऐसा लेआउट प्रस्तावित है, जिससे दर्शक बिना किसी भ्रम के पूरे संग्रहालय का भ्रमण कर सकेंगे।
इसी प्रकार संग्रहालय की ऐतिहासिक भित्ति चित्रों (फ्रेस्को पेंटिंग्स) का भी दस्तावेजीकरण, सफाई, उखड़े प्लास्टर का स्थिरीकरण तथा मूल स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए पुनर्स्थापन किया जा रहा है।
निगम अधिकारियों के अनुसार, गैलरियों को संवारने के काम में लगभग एक माह का समय लगेगा। इसके बाद इस म्यूजियम को जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
ये रहेंगी गैलरियां...
1. नेचुरल हिस्ट्री गैलरी
इस गैलरी में पुराने लकड़ी के डिस्प्ले केसों का संरक्षण करते हुए उनका नवीनीकरण किया जाएगा तथा आधुनिक एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। टैक्सीडर्मी नमूनों, तितलियों और अन्य जीव-जंतुओं को वैज्ञानिक वर्गीकरण के साथ प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि यह गैलरी विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए भी उपयोगी बन सके।
2. एनिमल स्किन गैलरी
इस गैलरी में पशु खाल एवं चमड़ी के संग्रह को प्रदर्शित किया जाएगा। ये काफी पुराना कलेक्शन है, जो वर्षों से संग्रहालय में संरक्षित है। इसे कांच के शो-केस में दर्शाया जाएगा।
3. रेप्टाइल गैलरी
इस गैलरी में मगरमच्छों सहित अन्य जीवों के विकास, अनुकूलन और पर्यावरणीय महत्व को समझाने पर विशेष जोर रहेगा।
4. एवियन गैलरी
इस गैलरी में विभिन्न प्रजातियों को इस प्रकार प्रदर्शित किया जाएगा कि आगंतुकों को प्राकृतिक वातावरण का अनुभव हो सके।
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5. बटरफ्लाइ गैलरी
इस गैलरी में आकर्षक डिस्प्ले पैनलों के माध्यम से तितली की विभिन्न प्रजातियों की रंगीन दुनिया को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।
6. न्यूमिस्मैटिक्स गैलरी
यहां विभिन्न कालखंडों के सिक्कों को केवल मुद्रा के रूप में नहीं, बल्कि राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक इतिहास के साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। प्रत्येक महत्वपूर्ण सिक्के के साथ उसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, धातु, प्रतीक और उस समय की शासन व्यवस्था की जानकारी भी दी जाएगी।
7. रॉयल हेरिटेज गैलरी
संग्रहालय का सबसे प्रमुख आकर्षण ये गैलरी होगी। इसमें ग्वालियर के राजघराने और तत्कालीन ग्वालियर राज्य की गौरवशाली विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। इस गैलरी में शासकों के विशाल ऑयल पेंटिंग, ऐतिहासिक घटनाओं के चित्रण, तलवारें, ढाल, भाले, बंदूकें और अन्य सैन्य उपकरण प्रदर्शित किए जाएंगे।