नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। दीपावली पर घर लौटने की तैयारी कर रहे यात्रियों के सामने ट्रेन टिकट की प्री-बुकिंग में ही संकट खड़ा हो गया है। त्योहार से करीब एक सप्ताह पहले ही ग्वालियर से दिल्ली, भोपाल, इंदौर, मुंबई, बेंगलुरु सहित लंबी दूरी के प्रमुख शहरों की ओर जाने वाली कई ट्रेनों में सीटें उपलब्ध नहीं हैं।
कई ट्रेनों में स्लीपर से लेकर वातानुकूलित श्रेणी तक नो-रूम की स्थिति बन गई है, जबकि कुछ ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची तेजी से बढ़ रही है। आरक्षण खुलते ही सीटें भरने के कारण परिवार के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों को एक साथ सीट मिलना भी मुश्किल हो रहा है।
हालांकि, सीटों की उपलब्धता में हो रही समस्या का एक बड़ा कारण दलालों द्वारा पूर्व में ही की जाने वाली सीटों की बुकिंग है। रेलवे इस पर लगातार कार्रवाई कर रहा है लेकिन बावजूद इसके संकट की स्थिति बन ही रही है।
सामान्य आरक्षण उपलब्ध नहीं
दीपावली के दौरान बड़ी संख्या में लोग नौकरी और कारोबार वाले शहरों से अपने घर लौटते हैं। इसके चलते लंबी दूरी की ट्रेनों में अभी से दबाव बढ़ गया है। त्योहार से एक सप्ताह पहले तक कई ट्रेनों में सामान्य आरक्षण उपलब्ध नहीं है।
ऐसे में यात्रियों के सामने तत्काल कोटे से टिकट लेने या यात्रा के वैकल्पिक साधन तलाशने की मजबूरी बन रही है।
आरक्षण खुलते ही तेजी से भर रही सीटें
रेल यात्रियों के अनुसार, दीपावली की यात्रा के लिए आरक्षण शुरू होते ही सीटें तेजी से भर रही हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों में परिवार के चार-पांच सदस्यों के लिए एक साथ कन्फर्म बर्थ मिलना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। कई यात्री अलग-अलग ट्रेनों और तारीखों में सीट तलाश रहे हैं, लेकिन अधिकांश प्रमुख ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची लंबी हो चुकी है।
बेंगलुरु से ग्वालियर नो रूम
बेंगलुरु में नौकरी करने वाले शहर के युवाओं को आने में इस बारी भारी समस्या का समाना करना पड़ रहा है। त्योहार से एक सप्ताह पहले से बेंगलुरु से ग्वालियर आने वाली राजधानी एक्सप्रेस, कर्नाटक एक्सप्रेस और संपर्क क्रांति जैसी ट्रेनों में अधिकतर नो रूम की स्थिति हैं।
वहीं, अगर किसी ट्रेन में थ्री-एसी में वेटिंग है तो उसमें 250 से अधिक की वेटिंग होने से यात्रा की संभावनाएं न के बराबर हो जाती हैं।
ऊंची कीमत पर टिकट उपलब्ध कराने का दावा
सामान्य आरक्षण में सीट नहीं मिलने के बीच कुछ आईआरसीटीसी से जुड़े थर्ड पार्टी टिकट एप ऊंची कीमत पर टिकट उपलब्ध कराने का दावा भी कर रहे हैं। इससे यात्रियों में असमंजस की स्थिति है। रेलवे यात्रियों को टिकट बुक करते समय अधिकृत माध्यम का इस्तेमाल करने की सलाह देता है।
तत्काल कोटे में भी सीटों की संख्या सीमित होने के कारण यात्रियों को निर्धारित समय पर आरक्षण कराने के लिए मशक्कत करनी होगी।
दिल्ली से ग्वालियर के लिए विकल्प शताब्दी-वंदे भारत
दीपावली पर दिल्ली से ग्वालियर आने वाले यात्रियों के लिए त्योहारों के नजदीक तिथियों में बतौर वैकल्पिक ट्रेन सिर्फ शताब्दी और वंदेभारत ही उपलब्ध हैं। कुछ तारीखों में राजधानी में भी कुछ सीटें उपलब्ध हैं लेकिन इन सभी ट्रेनों का किराया डायनेमिक होने की वजह से लगातार बढ़ता जा रहा है।
दलालों की सक्रियता भी समस्या
हाल ही में दीपावली के त्यौहारी सीजन में तत्काल टिकट की दलाली का मामला सामने आया है। जहां ग्वालियर आरपीएफ ने आरक्षण केंद्र से दो युवकों को गिरफ्तार भी किया है। उनके पास चार भविष्य के टिकट व 18 पुराने ई-टिकट मिले, जिनकी कीमत 43 हजार 703 रुपये हैं, मिले थे।
मेमू ट्रेन चलाने की भी तैयारी
दीपावली पर ट्रेनों में बढ़ती भीड़ और वेटिंग के बीच रेलवे हजरत निजामुद्दीन से वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन के बीच 16 कोच की अनारक्षित मेमू फेस्टिवल स्पेशल चलाएगा। ट्रेन 04412 पांच, छह और सात नवंबर को निजामुद्दीन से, जबकि 04411 छह, सात और आठ नवंबर को झांसी से चलेगी। ट्रेन ग्वालियर होकर चलेगी। सभी कोच अनारक्षित रहेंगे।