नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। स्वास्थ्य विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर को हिंदी का ज्ञान नहीं होने के कारण लाल अस्पताल में कार्यरत महिला कर्मचारी ललिता यादव को विभाग ने दस वर्ष पहले सेवानिवृत्त कर दिया था। मामला सामने आने के बाद अब वरिष्ठ संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाओं ने त्रुटि सुधार किया, जिससे महिला दस साल और नौकरी कर पाएगी।
नईदुनिया के 13 जुलाई के अंक में इस मुद्दे पर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी। इसमें बताया था कि किस तरह कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा हिंदी में लिखे जन्म वर्ष १९७३ को 1963 समझ लिया गया था, जिससे ललिता को 52 वर्ष की आयु में ही सेवानिवृत्त कर दिया गया था। खबर प्रकाशित होने के बाद सिविल सर्जन ने वरिष्ठ संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाओं को पत्र लिखकर ललिता की सही जन्म तिथि 12 मार्च 1973 दर्ज करने और उनका बकाया वेतन जारी करने का अनुरोध किया। इसके बाद विभाग ने पोर्टल पर सही जन्म वर्ष अपडेट किया।
ललिता ने बताया कि वह चार-पांच माह से इसके लिए परेशान हो रही थी। इस दौरान का वेतन भी रुका हुआ है। अब रुका हुआ वेतन भी एक साथ मिलेगा। नईदुनिया को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि यह संभव सिर्फ नईदुनिया के सहयोग से ही हो पाया है। मेरी समस्या को प्रमुखता से उठाया, जिससे जल्द इसका समाधान हो पाया है।
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बता दें कि लाल अस्पताल में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ललिता यादव के पति दिलीप का वर्ष 2016 में निधन हो गया था। इसके बाद ललिता को अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। ऐसे में वेतन नहीं मिलने के कारण ललिता आर्थिक संकट का सामना कर रही थी। खास बात है कि इस दौरान विधिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए ललिता अपने कार्यालय प्रतिदिन कार्य पर जाती रहीं।