• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • इंदौर

Indore Water Crisis: शुक्रवार देर रात 16वीं मौत, अभी भी 32 ICU में... सरकार ने निगमायुक्त को हटाया, अपर आयुक्त सहित दो निलंबित

इंदौर में दूषित पानी पीने से अबतक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। शुक्रवार देर रात 16वें मरीज के मौत की जानकारी मिली। वहीं 32 मरीजों की हालत गंभीर है, जो ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Sat, 03 Jan 2026 05:56:59 AM (IST)Updated Date: Sat, 03 Jan 2026 08:23:58 AM (IST)
Indore Water Crisis: शुक्रवार देर रात 16वीं मौत, अभी भी 32 ICU में... सरकार ने निगमायुक्त को हटाया, अपर आयुक्त सहित दो निलंबित
शुक्रवार को मृतकों का आंकड़ा 16 हो गया

HighLights

  1. अभी भी 6208 मरीजों का उपचार जारी
  2. 32 मरीजों की स्थिति गंभीर, आइसीयू में
  3. सरकार ने हाई कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर: देश के स्वच्छतम शहर इंदौर में दूषित पानी पीने से दो और लोगों की मौत के साथ शुक्रवार को मृतकों का आंकड़ा 16 हो गया। इसके साथ ही जागी प्रदेश सरकार ने शुक्रवार रात को जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। दुनिया भर में शहर की फजीहत हो रही है। मौतों को लेकर विपक्ष सरकार से सवाल पूछ रहा है। इन सबके बीच अब भी कई मरीजों की हलात नाजूक बतायी जा रही है।

कार्रवाईयों को लेकर जब सरकार पर सवाल उठने लगे तो, अब जाकर शासन जागता नजर आ रहा है। नगर निगम के आयुक्त दिलीप कुमार यादव को हटा दिया गया। उन्हें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग उप सचिव बनाया गया है। अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया और जलकार्य विभाग के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है।


इससे पहले भागीरथपुरा दूषित जल कांड में आरंभिक जांच में छोटे अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई थी। इसके बाद से ही जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे थे। शुक्रवार को राज्य सरकार ने बड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई की। इसके साथ ही इंदौर नगर निगम में तीन नए अपर आयुक्तों की नियुक्ति की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ट्वीट कर कार्रवाई की जानकारी दी।

यह भी पढ़ें- दुनिया में थू-थू: इंदौर के 'जहरीले नलों' पर विदेशी मीडिया ने लगाई क्लास, पूछा- कहां गया नंबर-1 का तमगा?

देर रात मिली 16वीं मौत की जानकारी

शुक्रवार को दूषित पानी पीने के बाद 10 दिन से बीमार भागीरथपुरा निवासी 68 वर्षीय गीताबाई ध्रुवकर की मौत हो गई। वहीं, शीतल नगर निवासी 65 वर्षीय हीरालाल की मौत पहले ही हो जाने की जानकारी भी शुक्रवार को सामने आई। बताया गया कि उल्टी-दस्त के बाद स्वजन उन्हें गत 31 दिसंबर को भागीरथपुरा के संजीवनी क्लीनिक में लेकर पहुंचे थे, वहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया। इसके साथ ही भागीरथपुरा दूषित पानी कांड में मरने वालों की संख्या 16 हो गई है।

शासन की ओर से कोर्ट में रिपोर्ट पेश

हीरालाल की मौत की जानकारी शासन की ओर से मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान प्रस्तुत स्टेटस रिपोर्ट में दी गई है। मामले में जनहित याचिकाओं पर हाई कोर्ट सुनवाई कर रहा है। शासन की ओर से प्रस्तुत स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार, भागीरथपुरा क्षेत्र में उल्टी-दस्त के 294 मरीजों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें से 93 मरीज उपचार के बाद डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 32 मरीज आइसीयू में भर्ती हैं।

यह भी पढ़ें- Indore Contaminated Water: इंदौर ने तोड़ दिया पूरे देश का दिल

रिपोर्ट में उल्टी-दस्त से चार मौत होने की बात कही गई है। हालांकि, देर शाम अतिरिक्त महाधिवक्ता रोहित सेठी ने भागीरथपुरा में 8 मौत होने की बात स्वीकार की। कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर ले लिया है। अगली सुनवाई छह जनवरी को होगी।

पेयजल में मल-मूत्र मिल रहा था

बता दें, देश के स्वच्छतम शहर इंदौर में 29 दिसंबर को उस समय हड़कंप मच गया था, जब दूषित पानी पीने से 100 से अधिक लोग बीमार पड़ गए। इसके बाद बीमारी तेजी से फैली और अब तक मरीजों की संख्या करीब 3000 तक पहुंच चुकी है। जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि पेयजल में मल-मूत्र मिल रहा था, जिसके सेवन से बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़े और कई को अपनी जान गंवानी पड़ी।

इंदौर में दूषित पेयजल से हुई दुखद घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। प्रदेश के अन्य स्थानों में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए समयबद्ध सुधारात्मक कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी 16 नगर निगमों के महापौर, आयुक्त, जिला कलेक्टर और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर पूरे प्रदेश की समीक्षा की गई है।

- डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश

सिर्फ भागीरथपुरा नहीं पूरे इंदौर में दूषित पानी की समस्या

हाई कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई करीब 10 मिनट चली। शासन ने कोर्ट को बताया कि 32 से अधिक टीमें भागीरथपुरा क्षेत्र में लगातार काम कर रही हैं और लोगों को टैंकरों से साफ पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ताओं अभिनव धनोडकर, रितेश इनानी और मनीष यादव ने कोर्ट को बताया कि शासन चार मौत की बात स्वीकार कर रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि मौतों की संख्या इससे कहीं अधिक है।

यह भी पढ़ें- Indore Contaminated Water: उमा भारती ने अपनी ही पार्टी के नेताओं को घेरा, राहुल-खड़गे सरकार पर हमलावर

उन्होंने कहा कि सिर्फ भागीरथपुरा ही नहीं, बल्कि पूरे इंदौर में दूषित पानी की समस्या है। हाई कोर्ट इंदौर खंडपीठ के अतिरिक्त महाधिवक्ता रोहित सेठी ने बताया कि हमने कोर्ट में जो रिपोर्ट पेश की है, वह गुरुवार शाम तक की है। शुक्रवार सुबह अपडेट मिलने के बाद भागीरथपुरा मामले में आठ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इनमें से छह की मौत डायरिया की वजह से हुई हैं, जबकि दो की रिपोर्ट नहीं मिली है। शुक्रवार को सुनवाई नियमित बेंच के समक्ष नहीं होने के कारण यह तथ्य कोर्ट के सामने नहीं रख पाए।