मध्यप्रदेश में खाद संकट: पत्थरों से नंबर लगाने को मजबूर किसान, आधार कार्ड और जमीन दस्तावेज दबाकर करते रहे इंतजार
जिले में खाद का संकट गहराने लगा है। जिन किसानों को खाद की जरूरत है, उन्हें समय पर आपूर्ति नहीं हो रही। इसी कारण खिलचीपुर स्थित कृषक सहकारी विपणन समिति ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 19 Oct 2025 02:56:46 AM (IST)Updated Date: Sun, 19 Oct 2025 02:56:46 AM (IST)
पत्थरों से नंबर लगाने को मजबूर किसान, नईदुनिया.राजगढ़। जिले में खाद का संकट गहराने लगा है। जिन किसानों को खाद की जरूरत है, उन्हें समय पर आपूर्ति नहीं हो रही। इसी कारण खिलचीपुर स्थित कृषक सहकारी विपणन समिति मर्यादित कार्यालय के बाहर अजीब नजारा देखने को मिला। यहां खाद लेने के लिए किसानों की लंबी कतारें लगी रहीं।
खाद लेने के इंतजार में किसान अपने आधार कार्ड और जमीन के दस्तावेजों की फोटोकॉपी पत्थरों के नीचे दबाकर रख रहे थे। उनका कहना है कि यह तरीका इसलिए अपनाया जा रहा है ताकि जब उनका नंबर आए तो वे मौके पर मौजूद रह सकें। कई किसानों को घंटों और कुछ को तो दो दिनों से भी ज्यादा इंतजार करना पड़ रहा है।
दो दिन से लाइन में किसान
एक किसान रंगलाल ने बताया कि वह सुबह 7 बजे से लाइन में हैं। लंबे समय तक एक ही जगह बैठना संभव नहीं था, इसलिए उन्होंने अपने दस्तावेज पत्थर के नीचे रखकर नंबर लगा दिया। कई किसानों का कहना है कि सुबह से कतार में खड़े होने के बावजूद खाद समय पर नहीं मिल पा रहा है।
पुरुषों के साथ महिलाएं भी खाद लेने के लिए कतार में खड़ी दिखीं। किसानों का कहना है कि सुबह से लाइन में लगे हैं, लेकिन यह नहीं पता कि कब खाद मिलेगा और कब वे घर लौट पाएंगे।
बोवनी से पहले हालात बिगड़ने का अंदेशा
किसानों ने आशंका जताई है कि अभी बोवनी की शुरुआत नहीं हुई है। जैसे ही बोवनी का समय आएगा, खाद की किल्लत और बढ़ सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द व्यवस्था सुधारी जाए, ताकि किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े।