नईदुनिया प्रतिनिधि,रीवा। ओडिशा पुलिस की अभिरक्षा से फरार हुए कुख्यात गांजा तस्कर आदित्य मिश्रा की फरारी कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। सूत्रों से जो बड़ी जानकारी निकलकर सामने आ रही है, वह चौंकाने वाली है।
खुद आदित्य मिश्रा ने ही रीवा न्यायालय में प्रोडक्शन वारंट के लिए आवेदन लगवाया था। इसी वारंट पर उड़ीसा पुलिस उसे रीवा लेकर आ रही थी और इसी दौरान उसके साथियों ने घात लगाकर उसे छुड़ा लिया।
इस खुलासे के बाद पूरी साजिश की परतें एक-एक कर खुलने लगी हैं। पुलिस को शक है कि न्यायालय में आवेदन लगाना इसी बड़े प्लान का पहला कदम था ताकि उसे उड़ीसा की कड़ी सुरक्षा वाली जेल से निकालकर रीवा के रास्ते में लाया जा सके, जहां उसे छुड़ाना आसान हो।
ऐसे रची गई थी पूरी साजिश
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आदित्य मिश्रा उड़ीसा की जेल में बंद था। वहां से निकलना नामुमकिन था। इसलिए उसने अपने वकील के जरिए रीवा कोर्ट में एक पुराने मामले में प्रोडक्शन वारंट का आवेदन लगवाया। कोर्ट ने वारंट जारी कर दिया। नियमानुसार उड़ीसा पुलिस को उसे रीवा कोर्ट में पेश करने के लिए लाना पड़ा।
आदित्य के साथियों को पहले से ही पता था कि पुलिस किस रूट से और किस दिन उसे लेकर आएगी। उन्होंने रीवा-शहडोल बॉर्डर के पास घाटी वाले सुनसान इलाके को चुना, जहां नेटवर्क भी कम रहता है और पुलिस की मदद जल्दी नहीं पहुंच सकती।
पहले से दो गाड़ियों में सवार होकर बदमाशों ने पुलिस वाहन को ओवरटेक कर रोका, हवाई फायरिंग की और आदित्य को छुड़ाकर जंगल की ओर फरार हो गए। गाड़ी के शीशे पर मिला गोली का निशान इस साजिश की गवाही दे रहा है।
कई आरोपी चिन्हित, 3 जिलों की पुलिस लगी
घटना के बाद रीवा पुलिस हरकत में आ गई है। एसपी के निर्देश पर रीवा, सीधी और मऊगंज जिले की कई टीमें बनाई गई हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, टोल नाकों के डेटा और आदित्य के मोबाइल के पुराने लोकेशन के आधार पर कई आरोपियों को चिन्हित कर लिया है। बताया जा रहा है कि इसमें सतना के जस्सा गैंग और शहडोल के दो तस्करों के भी शामिल होने की जानकारी मिली है।
पुलिस की 10 से ज्यादा टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। आदित्य के गांव और उसके रिश्तेदारों के यहां भी छापेमारी की गई है। सर्विलांस पर 20 से ज्यादा नंबर लगाए गए हैं।
अगले 24 घंटे में हो सकता है बड़ा खुलासा
पुलिस अधिकारियों का दावा है कि अगले 24 घंटे में इस पूरे मामले में बड़ा खुलासा हो सकता है। पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। घाटी के पास मिले एक टूटे हुए मोबाइल और गाड़ी में मिले दस्तावेजों से पुलिस बदमाशों के करीब पहुंच गई है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह सिर्फ फरारी नहीं, बल्कि पुलिस को चुनौती है। इस पूरे नेटवर्क को अब जड़ से खत्म किया जाएगा। उड़ीसा पुलिस भी रीवा में डेरा डाले हुए है और संयुक्त ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
फिलहाल इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि रीवा उड़ीसा से आने वाले गांजे का सबसे बड़ा कॉरिडोर बन चुका है और यहां बैठे तस्कर कितने शातिर और बेखौफ हैं। देखना होगा कि पुलिस इस शातिर दिमाग आदित्य को दोबारा कब तक शिकंजे में लेती है।