नईदुनिया प्रतिनिधि शिवपुरी: शहर में करीब 14 साल पहले 2011 में सीवर लाइन का काम शुरू हुआ था। प्रोजेक्ट को तीन साल में पूरा होना था, परंतु 14 साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी प्रोजेक्ट अधूरा है। इसे लेकर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया काफी चिंतित हैं। इसी के चलते रविवार को कलेक्ट्रेट में दिशा की बैठक के दौरान उन्होंने इस प्रोजेक्ट से जुड़े सभी अधिकारियों से एक-एक बिंदु पर चर्चा की।
अंत में उनका कहना था कि अब यह पूरा मामला मेरे हार्ड ड्राइव में चला गया। अब मैं और मेरा हार्ड ड्राइव पूरी तरह इस प्रोजेक्ट पर लग गए हैं। अब इस प्रोजेक्ट को पूरा करवाना मेरी प्राथमिकता है। उनका कहना था कि अब तक शिवपुरी शहर की 40 किमी सीवर लाइन की टेस्टिंग का काम पूरा हो चुका है। 55 किमी सीवर लाइन की टेस्टिंग और क्लीनिंग का काम बा की है। इसके अलावा सीवर लाइन में एचटीपी डिस्फ्यूजर लगाने की जरूरत है और लाइन में 34 चेम्बर डेमेज हैं, जिन्हें ठीक करवाना है।
बकौल केंद्रीय मंत्री सीवर लाइन का 60 करोड़ रुपये का फेज टू कम्पलीट पड़ा है, परंतु मैंने स्पष्ट रूप से बोल दिया है कि जब तक फेज वन कम्पलीट नहीं हो जाता। आमजन संतुष्ट नहीं हो जाते, तब तक फेज टू का काम शुरू नहीं करने दूंगा। उन्होंने सीवेज का पानी जलाशयों पर जाने पर भी नाराजगी जाहिर करते हुए उसे रोकने के लिए प्लान तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।
जलकुंभी मिटाने के लिए जाधव सागर से शुरू होगी सफाई
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि शिवपुरी के जलाशयों के लिए परेशनी और श्राप बन चुकी जलकुंभी को लेकर भी अधिकारियों के साथ लंबी चर्चा की गई। अंत में मैंने अधिकारियों को यह निर्देश दिए हैं कि जलाशयों से जलकुंभी को हटाने के लिए अप स्ट्रीम से डाउन स्ट्रीम तक सफाई की जाए। इस तरह से जाधव सागर से सफाई शुरू करते हुए करबला तक और इसके बाद सांख्य सागर झील से माधव लेक तक सफाई की जाए।
इसे लेकर उन्होंने निर्देश दिए हैं कि सबसे पहले सीवेज का प्लान तैयार करें कि यह तालाबों में न जाए। अगर यह तालाबों में पहुंचेगी तो जलकुंभी की समस्या से निजात पाना काफी मुश्किल हो जाएगा। इसके बाद तालाबों में जलकुंभी हटाने के साथ इसके बीज को नष्ट करने के लिए प्लान तैयार होना चाहिए। इसके बाद तालाबों की सफाई के लिए प्लान तैयार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह काम डीएफओ, माधव टाइगर रिजर्व व नगर पालिका तीनाे मिलकर करेंगे। सिंधिया के अनुसार जाधव सागर और करबला में सफाई के लिए उन्हें मजदूरों का सहारा लेना पड़ सकता है क्योंकि वहां गहराई इतनी नहीं हे कि उसमें मशीन को उतारा जा सके।
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मड़ीखेड़ा का काम भी जल्द होगा पूरा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शहर की जनता के लिए सबसे महत्वपूर्ण मड़ीखेड़ा जलावर्धन योजना बहुत जल्द पूरी होगी। उनके अनुसार 80 करोड़ रुपये की इस योजना में 22.5 किमी की मेन पाइप लाइन का काम पूरा हो चुका है। अब शहर में चार ओवर हेड टैंक बन रहे हैं, जिनमें से कठमई और बीज गोदाम की पानी की टंकी बनकर कम्पलीट हो चुकी है, जबकि सुभाष पार्क पुरानी शिवपुरी तथा दुर्गाटाकीज के पीछे वाली टंकी का काम अभी चल रहा है।
इन चारों टंकियों पर 2.5 किमी की फीडर लाइन अभी डलना शेष है। इसके अलावा शहर भर में 39 किमी की डिस्ट्रीब्यूशन लाइन डलनी थी, जिसमें से 11 किमी की लाइन अभी बांकी है। उन्होंने बताया कि शहर में 2195 नल कनेक्शन घरों में होने थे, जिनमें से 800 कनेक्शन हो चुके हैं। सिंधिया के अनुसार यह काम जल्द से जल्द पूरा हो इसके लिए हमारा प्रयास जारी है।
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शिवपुरी में खुलेगा देश का सातवां पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर
सिंधिया ने पोस्ट ऑफिस में इस बात की घोषणा की कि शिवपुरी में भारत सरकार का 111 करोड़ की लागत का देश का सातवां पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर खुलेगा। इसके पूर्व मैसूर, बड़ोदरा, सहारनपुर, सूरत जैसे शहरों में यह छह ट्रेनिंग सेंटर हैं। इस ट्रेनिंग सेंटर में हर साल ढाई से तीन हजार लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।