• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • शिवपुरी

शिवपुरी में पेट्रोल पंप पर अतिक्रमण को लेकर बवाल, जेसीबी के सामने लेटे कर्मचारी, कब्जे को लेकर प्रशासन और नगर निगम आमने-सामने

नगर पालिका की बेशकीमती 13,600 वर्ग फीट जमीन पर 42 साल से चला आ रहा कब्जे का केस नपा जीत गई है, लेकिन जीत के बाद भी जमीन पर कब्जा नहीं ले पा रही है।

By Devendra SamadhiyaEdited By: Nitin Kumar
Publish Date: Mon, 05 Oct 2026 02:15:32 PM (IST)Updated Date: Mon, 05 Oct 2026 02:21:50 PM (IST)
शिवपुरी में पेट्रोल पंप पर अतिक्रमण को लेकर बवाल, जेसीबी के सामने लेटे कर्मचारी, कब्जे को लेकर प्रशासन और नगर निगम आमने-सामने
मशीन के सामने लेटे नगर निगम के कर्मचारी, नईदुनिया

HighLights

  1. अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम
  2. मशीन के सामने लेटे नगर निगम के कर्मचारी
  3. कब्जे को लेकर प्रशान और नपा आमने-सामने

नईदुनिया प्रतिनिधि, शिवपुरी। गांधी पेट्रोल पंप पर अतिक्रमण हटाने के लिए नगर पालिका की टीम आज हिटाची मशीन लेकर पहुंची थी। कार्रवाई शुरू होते ही नपाध्यक्ष खुद मौके पर पहुंचीं। इसी दौरान नगर पालिका के ही कर्मचारियों ने हिटाची मशीन के आगे आकर कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया।

कर्मचारियों के विरोध के चलते पूरी कार्रवाई बीच में ही थम गई। मौके पर मौजूद लोगों ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना था कि चुनिंदा जगहों पर ही कार्रवाई की जा रही है।

नपाध्यक्ष ने दी धरने की चेतावनी

हंगामे के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और सड़क पर लंबा जाम लग गया। जाम के कारण राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष ने प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताते हुए धरने पर बैठने की चेतावनी दे दी।


उन्होंने कहा कि अगर नियमानुसार कार्रवाई नहीं होने दी गई तो वे वहीं धरने पर बैठेंगी। आश्चर्य की बात यह रही कि हंगामा और जाम की सूचना के बाद भी काफी देर तक मौके पर पुलिस नहीं पहुंची, जिससे स्थिति और बिगड़ती गई।

यह भी पढ़ें- शिवपुरी में सोते रहे कर्मचारी, चोरों ने दिया बड़ी वारदात को अंजाम, कृषि मंडी में सीसीटीवी का डीवीआर और एलईडी ले गए उखाड़कर

क्यों उलझा है पजेशन ?

दरअसल, नगर पालिका की बेशकीमती 13,600 वर्ग फीट जमीन पर 42 साल से चला आ रहा कब्जे का केस नपा जीत गई है, लेकिन जीत के बाद भी जमीन पर कब्जा नहीं ले पा रही है।

कारण है नगर पालिका के अपने ही अफसरों की चूक। अध्यक्ष गायत्री शर्मा ने सीएमओ यशवंत राठौर पर सीधा आरोप लगाया है कि जानबूझकर 10 दिन का गलत नोटिस देकर पेट्रोल पंप संचालक को सुप्रीम कोर्ट से स्टे लाने का समय दिया जा रहा है।

नपा और प्रशासन आमने-सामने

खास बात यह है कि 4 अक्टूबर को पेट्रोल पंप की भूमि पर पजेशन की कार्रवाई के संबंध में नपाध्यक्ष ने मीडिया के समक्ष नपा सीएमओ यशवंत राठौर व कलेक्टर अर्पित वर्मा को दो-दो बार फोन लगाए लेकिन उन्होंने फोन अटेंड नहीं किए। नपाध्यक्ष के अनुसार दोनों सुबह से मेरा फोन नहीं उठा रहे हैं।

इस संबंध में गांधी पैट्रोल पंप के संचालक समीर गांधी का कहना है कि, इस मामले में हमने कानून का पालन किया है, नपा को भी कानून का पालन करना चाहिए। उनके अनुसार मामला न्यायालय में है, ऐसे में मैं इस विषय में कुछ ज्यादा नहीं कहूंगा।

यह भी पढ़ें- ग्वालियर के जिला अस्पताल मुरार में बिजली नहीं, प्रसूति गृह में मचा हड़कंप, बजट नहीं मिलने से हाइटेंशन सब स्टेशन का काम बंद

यह है पूरा मामला

झांसी तिराहा स्थित गांधी पेट्रोल पंप की यह जमीन 23 जुलाई 1960 को भारत पेट्रोलियम के लिए मैसर्स जय भारत ऑटोमोबाइल्स को 25 साल के लिए लीज पर दी गई थी।

प्रीमियम 4,472 रुपये और सालाना, किराया 279.50 रुपये तय था। 1984 में लीज खत्म हो गई। लीज रिन्यू नहीं हुई। तब से नपा कोर्ट में लड़ रही है। इस दौरान न तो लीज का पैसा आया, न किराए का। अध्यक्ष के अनुसार यही बकाया अब करीब 2 करोड़ हो गया है।

हाईकोर्ट ने क्या कहा

हाईकोर्ट खंडपीठ ग्वालियर ने द्वितीय अपील 18/2003 में 01/09/2026 को फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ नवीनीकरण का आवेदन देने या कुछ राशि जमा करने से लीज स्वतः नवीनीकृत नहीं होती। संचालक ने जमीन को अवैध रूप से सुधीर ऑटोमोबाइल्स और अन्य को सब-लीज पर दे दिया था। नपा की अपील स्वीकार कर निचली अदालतों के फैसले पलट दिए गए।

फैसले के बाद यह हुआ

हाईकोर्ट के आदेश के बाद नपा ने 22 सितंबर 2026 को पत्र क्रमांक 5073/2026 से अंतिम सूचना पत्र जारी किया। इसमें 10 दिन में स्वेच्छा से कब्जा छोड़ने को कहा गया। अवधि 2 अक्टूबर को खत्म हो गई।

यह भी पढ़ें- ग्वालियर में 'सेखों इंडियन एयर फोर्स मैराथन-2026' का आयोजन, धावकों ने दौड़कर दी वीरता को सलामी, खिलाड़ियों ने जीते गोल्ड मेडल