• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • फीचर
  • सेहत

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Summer Dehydration Issues: गर्मी में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, बच्चों का रखें विशेष ध्यान

गर्मी के मौसम में सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। शरीर में पानी की कमी के कई बुरे नतीजे हो सकते हैं। छोटे बच्चों में इस डिहाइड्रेशन को पहचानना और समय पर ...और पढ़ें

By Arvind DubeyEdited By: Arvind Dubey
Publish Date: Mon, 07 Apr 2025 11:56:09 AM (IST)Updated Date: Mon, 07 Apr 2025 12:51:49 PM (IST)
Summer Dehydration Issues: गर्मी में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, बच्चों का रखें विशेष ध्यान
डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी (फाइल फोटो)

HighLights

  1. पेशाब का गहरा रंग भी डिहाइड्रेशन का लक्षण
  2. बच्चे का सुस्त हो जाते हैं, मुंह सूखने लगता है
  3. उल्टी-दस्त होने पर ओआरएस का घोल दें

डॉ. सौरभ पिपरसानिया, इंदौर। वर्तमान में गर्मी काफी बढ़ गई है, इस मौसम में सबसे अधिक डिहाइड्रेशन की समस्या रहती है। डिहाइड्रेशन की समस्या बच्चों में अधिक देखने को मिलती है, ऐसे में इनका विशेष ध्यान रखना चाहिए।

अस्पतालों में भी इन दिनों डिहाइड्रेशन के कारण उल्टी, दस्त से पीड़ित बच्चे इलाज के लिए आते हैं। बच्चों को दस्त और उलटी के कारण पानी और इलेक्ट्रोलाइट की कमी होती है। जिसका तुरंत निदान करना चाहिए।

डिहाइड्रेशन के लक्षणों को समय रहते पहचाने

  • डिहाइड्रेशन के लक्षणों को समय पर पहचानना आवश्यक है। इसके लक्षण पेशाब कम आना, पेशाब का गहरा रंग आना, बच्चे का सुस्त होना, मुंह सूखना, चिड़चिड़ापन आना, बुखार आना, कमजोरी लगना, सिर दर्द आदि है।

naidunia_image

(डॉ. सौरभ पिपरसानिया)

  • इसके अलावा डिहाइड्रेशन की पहचान हम पेट की चमड़ी खींचकर भी कर सकते हैं। सामान्य तौर पर जब हम पेट की चमड़ी खींचते हैं और छोड़ने पर वह जल्दी वैसी ही स्थिति में पहुंच जाती है।
  • यदि डिहाइड्रेशन है तो पेट की चमडी धीरे-धीरे वापस से नीचे जाती है। इससे बचाव के लिए बच्चों में धूप में नहीं निकलने देना चाहिए। उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी दें। उल्टी-दस्त की समस्या होने पर ओआरएस का घोल दें।

  • ओआरएस नहीं होतो नमक और शक्कर का घोल या फिर शिकंजी, नारियल पानी, छाछ दें। यदि इससे आराम नहीं लगता है तो विशेषज्ञ की सलाह लें। इसके अलावा बच्चों को कोल्ड्रिंक, जंकफूड से दूर रखें।
  • उन्हें घर का बना हल्का आहार दें, जो आसानी से पच सकें। यदि छह माह से छोटा बच्चा है और डिहाइड्रेशन की समस्या होती है तो उसे मां का दूध पिलाएं।
  • (डॉ. सौरभ पिपरसानिया इंदौर में शिशु रोग विशेषज्ञ हैं।)