धर्म डेस्क। राजस्थान के सीकर में खाटू श्याम जी का मंदिर (Baba Khatu Shyam) स्थापित है जिसे लेकर लोगों में काफी आस्था है। ऐसे में अगर आप भी खाटू श्याम मंदिर जाने का मन बना रहे हैं तो कुछ बातों का जरूर ध्यान रखें ताकि आपके ऊपर खाटू नरेश की असीम कृपा बनी रहे।
आज हम आपको खाटू श्याम मंदिर से जुड़ी कुछ जरूरी बातें बताने जा रहे हैं। इन बातों का ध्यान रखते हुए अगर आप खाटू श्याम जी के दर्शन के लिए जाते हैं, तो इससे आपको दर्शन का पूरा लाभ मिलता है। चलिए जानते हैं इस बारे में।
कई भक्त खाटू श्याम मंदिर जाते समय रिंगस निशान उठाकर मंदिर तक पैदल यात्रा करते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से खाटू श्याम जी अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इसके साथ ही खाटू श्याम मंदिर से लगभग 1 किलोमीटर की दूरी श्याम कुंड स्थापित है, जिसमें स्नान करने का विशेष महत्व है।
इस कुंड में स्नान किए बिना खाटू श्याम मंदिर की यात्रा अधूरी मानी जाती है। ऐसे में अगर आप खाटू श्याम जी के मंदिर जा रहे हैं, तो इस स्थानों के भी दर्शन जरूर करने चाहिए।
हर महीने की एकादशी और द्वादशी तिथि पर खाटू श्याम जी के दर्शन करना काफी शुभ माना गया है। विशेषकर फाल्गुन माह में आने वाली आमलकी एकादशी के दिन खाटू श्याम मंदिर में दर्शन करने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है, क्योंकि भक्त इस दिन को खाटू श्याम जी के जन्मदिवस के रूप में मनाते हैं।
वहीं कुछ अन्य मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक महीने में आने वाली देवउठनी एकादशी को भी खाटू श्याम जी के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में आप इन खास दिनों पर बाबा के दर्शन के लिए जा सकते हैं।
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खाटू श्याम जी को गुलाब, इत्र और नारियल अर्पित करने की परंपरा है। ऐसे में आप मंदिर में दर्शन के लिए जाते समय ये चीजें चढ़ा सकते हैं। इसी के साथ भोग के रूप में आप खाटू श्याम जी को गाय के दूध से बनी मिठाई, खीर और चूरमा जरूर अर्पित करें।
ये भोग खाटू श्याम जी को बहुत प्रिय हैं। साथ ही यह भी मान्यता है कि श्याम बाबा को खिलौने अर्पित करने से साधक को संतान सुख की प्राप्ति हो सकती है।