Home Remedies for Fungal Infection: क्या आप हैं फंगल इंफेक्शन से परेशान, जानिए बचाव के घरेलू उपाय
Home Remedies for Fungal Infection: फंगल इंफेक्शन होने पर सेब के सिरके का उपयोग कर सकते हैं। सेब के सिरके में एंटीफंगल गुण होते हैं। ...और पढ़ें
By Kushagra ValuskarEdited By: Kushagra Valuskar
Publish Date: Mon, 09 Jan 2023 06:26:21 PM (IST)Updated Date: Mon, 09 Jan 2023 09:58:05 PM (IST)
Home Remedies for Fungal Infection: फंगल इंफेक्शन होने पर सेब के सिरके का उपयोग कर सकते हैं। सेब के सिरके में एंटीफंगल गुण होते हैं। Home Remedies for Fungal Infection: त्वचा पर कील-मुंहासे और धब्बों का होना सामान्य है। कई लोग त्वचा से जुड़ी बीमारियों से परेशान रहते है। इसके अलावा कई बार फंगल इंफेक्शन भी हो जाता है। ऐसे में स्किन पर रेडनेस, खुजली और जलन होने लगती है। फंगल इंफेक्शन को ठीक करने के लिए आपको तुरंत डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। वहीं आप कुछ घरेलू उपायों को आजमा कर राहत पा सकते हैं।
फंगल इंफेक्शन को ठीक करने के लिए घरेलू उपाय
सेब का सिरका
फंगल इंफेक्शन होने पर सेब के सिरके का उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए आप एक बर्तन में पानी लें। इसमें 2 चम्मच सेब का सिरका डालें। अब रूई की मदद से इसे इंफेक्शन वाली जगह पर लगाएं। बता दें सेब के सिरके में एंटीफंगल गुण होते हैं।
टी ट्री ऑयल
टी ट्री ऑयल में एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। ऐसे में फंगल इंफेक्शन को कम करने के लिए फायदेमंद है। इसके लिए नारियल तेल में दो से तीन बूंद टी ट्री ऑयल मिलाएं। फिर फंगल इंफेक्शन वाली जगह पर लगाएं।
नारियल का तेल
नारियल का तेल इंफेक्शन को ठीक करने का एक प्रभावी घरेलू उपाय है। कोकोनट ऑयल को फंगल इंफेक्शन वाली जगह पर लगाएं और 1 घंटे पर साफ कर लें।
एलोवेरा
एलोवेरा में एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटीफंगल गुण होते हैं। इससे जलन और खुजली से राहत मिलती है। फंगल इंफेक्शन को ठीक करने के लिए आप दिन में 2 से 3 बार एलोवेरा जेल का इस्तेमाल कर सकते हैं।
नीम के पत्ते
फंगल इंफेक्शन को ठीक करने के लिए नीम के पत्तों को पानी में उबाल लें। अब इस पानी से इंफेक्शन वाली जगह को साफ करें। फंगल इंफेक्शन ठीक करने के लिए एक अच्छा घरेलू उपाय है।
डिस्क्लेमर
यह लेख सामान्य जानकारी के आधार पर लिखा गया है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा डॉक्टर्स की सलाह जरूर लें। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।